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खाड़ी देशों में प्रवासियों के कोविड परीक्षण के लिए केरल ने ट्रूनेट परीक्षण किट देने का प्रस्ताव दिया

तिरुवनंतपुरम, 18 जून: केरल के मुख्यमंत्री श्री पिनराई विजयन ने आज जानकारी दी कि राज्य सरकार भारत के लिए उड़ान भरने से पहले प्रवासी भारतीयों के परीक्षण के लिए ट्रूनेट कोविड परीक्षण किट उपलब्ध कराने के लिए कुछ खाड़ी देशों की एयरलाइन कंपनियों और दूतावासों के साथ चर्चा कर रही है।

मीडिया को जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे खाड़ी देश हैं जहां रैपिड परीक्षणों की कोई सुविधा नहीं है या जहां रैपिड परीक्षण कराने में प्रवासी भारतीयों को कठिनाई हो रही है। केरल सरकार इन स्थानों पर ट्रूनेट किट उपलब्ध कराएगी। इसके लिए एयरलाइन कंपनियों के सहयोग और संबंधित देशों में भारतीय दूतावासों की अनुमति की आवश्यकता हैऔर चर्चा चल रही है। यूएई और कतर में पहले से ही परीक्षण सुविधाएं हैं। इसलिए ये किट सऊदी अरबकुवैतबहरीन और ओमान में उपयोगी साबित होंगे ताकि अन्य देशों से लौटने वाले प्रवासियों के परीक्षण की सुविधा हो सके।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विदेश भेजने के लिए राज्य के पास पर्याप्त परीक्षण किट उपलब्ध हैं और अनुमति मिलने पर तौर-तरीकों पर काम किया जाएगा।

अब तक 2,79,657 लोग अन्य राज्यों और विदेशों से केरल लौटे हैं। इनमें से 1,172 को कोविड संक्रमण था। इनमें से 669 पॉजिटिव मामले उन लोगों में थे जो विदेश से लौटे हैं और 503 अन्य राज्यों से आए लोगों में। 327 दूसरे राज्यों से सड़क मार्ग से आए और 128 ट्रेनों से। अन्य राज्यों से आने वालों में सबसे अधिक 313 पॉज़िटिव मामले महाराष्ट्र से हैं। वास्तव में ये आंकड़े इस तरफ़ इशारा करते हैं कि हमारी सतर्कता बढ़ाई जाए। हमें यह भी जाँचने की आवश्यकता है कि क्या हम लापरवाह हो रहे हैं,” उन्होंने कहा।

केरल में आज कोविड-19 के 97 नए मामलों की पुष्टि की गईजबकि इलाज करवा रहे 89 रोगी आज इस बीमारी से उबरे। नए मामलों में से 65 लोग अन्य देशों से, 29 अन्य राज्यों से वापस आए हैं, और तीन प्राथमिक संपर्क के मामले हैं।

 

 

मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन अवधि के दौरान अतिरिक्त उपयोग के लिए केएसईबी सब्सिडी की घोषणा की

श्री पिनराई विजयन ने आज केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) के एक अहम निर्णय की घोषणा कीजिसमें लॉकडाउन अवधि के दौरान उपभोक्ताओं द्वारा अतिरिक्त उपयोग के लिए अलग सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "बिजली की खपत आमतौर पर फरवरी से मई के बीच बढ़ जाती हैलेकिन इसके बाद लॉकडाउन शुरु हो गया था, और बिजली की खपत में काफी वृद्धि हुई क्योंकि परिवार के सभी सदस्य घर पर ही मौजूद थे। चूंकि लॉकडाउन के दौरान रीडिंग नहीं ली गई, तो उपभोक्ताओं को चार महीने का बिल एख साथ दिया गया, जिसकी वजह से बिल राशि काफ़ी बड़ी है। टैरिफ संरचना या बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। लेकिन बिल के बारे में शिकायतों के आधार पर सरकार ने विद्युत बोर्ड को बिलिंग शिकायतों पर गौर करने और किसी भी त्रुटि को सुधारने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद बोर्ड ने किश्तों में बिल भुगतान करने के लिए पर्याप्त समय देने का निर्णय किया है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि बिल का भुगतान न होने पर बिजली नहीं काटी जाएगी।

कुछ अन्य निर्णय इस प्रकार हैं:

-    500 वाट से कम के कनेक्टेड लोड वाले लोगों के लिए बिजली मुफ़्त रहेगी, चाहे उनकी बिजली खपत जितनी भी हो।

-    1,000 वॉट के कनेक्टेड लोड और प्रति माह 40 यूनिट तक उपयोग करने वालों को 1.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल दिया जाएगा।

-    प्रति माह 50 यूनिट तक के उपयोग के लिएबिल की अतिरिक्त राशि का 50% सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा।

-    प्रति माह 100 यूनिट तक के उपयोग के लिएबिल की अतिरिक्त राशि का 30% सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा।

-    प्रति माह 150 यूनिट तक के उपयोग के लिएबिल की अतिरिक्त राशि का 25% सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा।

-    प्रति माह 150 से अधिक यूनिट के उपयोग के लिएबिल की अतिरिक्त राशि का 20% सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा।

-    उपभोक्ता पांच किश्तों में बिजली बिल का भुगतान कर सकते हैं।

यह अनुमान है कि विद्युत बोर्ड इस सब्सिडी को प्रदान करके 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारी का भुगतान करेगा जिससे लगभग 90 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ होगा।

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